rakshabandhan 

रक्षाबंधन एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है ये अक ऐसा अकेला पर्व है जिसमे दो भाई बहनों का प्यार का रिश्ता जोकि अटूट होता हिया उसको निभाया जाता है इसी क्वे साथ देखा जाए तो पिछली वर्ष की तरह अबकी बार भी यही समस्या है की रक्षाबंधन ( rakshabandhan ) कब मनाए तो इस बात को जानने से पहले हमे ये जानना चाहिए इ]की रक्षाबंधन क्यों और किस लिए बनया जाता है
रक्षाबंधन (rakshabandhan)

रक्षाबंधन: भाई और बहन का प्यार

रक्षाबंधन एक प्रसिद्ध भारतीय त्योहार है जो भाई और बहन के प्यार और संबंध का प्रतीक है। यह त्योहार हर साल श्रावण मास के पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है, जो कि हिन्दू पंचांग के अनुसार आती है। ‘रक्षा’ का मतलब होता है सुरक्षा और ‘बंधन’ का मतलब होता है बंधन, इसका अर्थ होता है कि बहन अपने भाई की सुरक्षा का प्रतिज्ञान करती है।
इस दिन बहन अपने हाथों में एक खास धागा या राखी बांधती है, जिसका अर्थ होता है कि वह अपने भाई की रक्षा करने का वचन देती है। उसके पास बहन के द्वारा दिए गए राखी का आशीर्वाद भी होता है जिसमें उसकी लम्बी आयु और सुख-शांति की कामना होती है। भाई भी बहन को उपहार देते हैं और उसकी खुशी में हिस्सा बनते हैं।
इस त्योहार के माध्यम से भाई-बहन का आपसी प्यार और समर्थन प्रकट होता है। रक्षाबंधन का यह पारंपरिक रूप न केवल व्यक्तिगत संबंधों की महत्वपूर्णता को दर्शाता है, बल्कि परिवार के मानवीय और आदर्श संबंधों की महत्वपूर्णता को भी स्पष्ट करता है।
इस त्योहार का महत्व विभिन्न प्रांतों में भिन्न तरीकों से मनाया जाता है, लेकिन उसकी मुख्य भावना हमेशा एक जैसी होती है – प्यार, समर्थन, और संबंधों की अद्भुतता का प्रतीक।

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रक्षाबंधन(rakshabandhan): भाई-बहन के प्यार का त्योहार

मेरी प्यारी भारतीय संस्कृति में त्योहारों का खास महत्व है। यहाँ, हर त्योहार अपने विशेष अर्थ और महत्व के साथ मनाया जाता है। रक्षाबंधन भी उनमें से एक है, जिसका मतलब होता है ‘रक्षा की बंधन’। यह त्योहार भाई-बहन के प्यार और आपसी संबंधों का प्रतीक है।
रक्षाबंधन का महत्वपूर्ण दिन आगा है, जब भाई अपनी बहन के लिए उसकी रक्षा का प्रतिज्ञान करता है। इसके बदले में, बहन अपने भाई को आशीर्वाद देती है और उसकी लम्बी आयु और सुख-शांति की कामना करती है। यह त्योहार बहन की ओर से उसके भाई के प्रति अपने प्यार और देखभाल की भावना को दर्शाता है, और वही भाई भी अपनी बहन के प्रति अपने प्यार और समर्पण का प्रतीक दिखाता है।
त्योहार के इस खास मौके पर, बहन अपने हाथों में सुंदर राखी बांधकर अपने भाई की लम्बी आयु और उसकी सुरक्षा की कामना करती है। इसके साथ ही, बहन अपने भाई को विशेष उपहार भी देती है, जिससे यह प्यार और संबंध और भी मजबूत होते हैं। वैसे तो राखी का एक पारंपरिक महत्व होता है, लेकिन आजकल यह बहन के और भाई के प्यार का प्रतीक बन गया है।
यह त्योहार न केवल भाई-बहन के प्यार का प्रतीक होता है, बल्कि यह दिखाता है कि परिवार की महत्वपूर्ण संबंधों की मान्यता कैसे की जाती है। इस दिन पर परिवार के सभी सदस्य एकजुट होकर प्यार और आपसी समझ को मजबूती से प्रकट करते हैं।
समाज में बदलते समय के साथ, यह त्योहार भी बदलते हुए पाया जा रहा है, लेकिन इसका महत्व और आदर अब भी वैसा ही है। रक्षाबंधन हमें यह याद दिलाता है कि परिवार और प्यार के महत्व को हमेशा महसूस करना चाहिए, चाहे हालात जैसे भी हों।
निष्कर्ष: एक ऐसा त्योहार जो भाई-बहन के प्यार और संबंध को मजबूती से दर्शाता है। इस दिन राखी बांधने की परंपरा के साथ-साथ उपहारों की व्यवस्था भी होती है, जो एक-दूसरे के प्यार को और भी मजबूती देते हैं। यह त्योहार हमें यह सिखाता है कि परिवार के महत्वपूर्ण संबंधों की कदर करनी चाहिए और हमेशा एक-दूसरे के साथ सहयोग और समर्थन का परिपूर्ण आभास रखना चाहिए।

रक्षाबंधन  कब मनाए

 
जैसा की आप जानते है की रक्षाबंधन पूर्णिमा के दिन माने जाता है लोर हिन्दू पचांग के अनुशार पूर्णिमा ३० अगस्त को है लेकिन उसी दिन भद्र काल लगने की बजह से रक्षाबंधन 31 अगस्त को मनाया जाएगा अगर आप चाहते हो तो 30 अगस्त को मना सकते हो लेकिन उसमे आपको सैम के 09:05 pm के बाद मना सकते हो
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